आप सब सोशल मीडिया के दौरान बेहत कुछ बातें जान पा रहे हैं । अब कुछ ऐसे खबर सामने आ रही है जिसको सुनकर हर कोई बेहत कुछ सोच रहा है । आप सभीने तो डोनाल्ड ट्रंप के नाम सुनते होंगे । ये राजनेता के बारे में हर कोई जनता है । अब आप जो बात जानोगे ये सुनकर हैरान हो जाओगे । बांग्लादेश से एक इंट्रेस्टिंग खबर आई ।
कुछ लोगों ने भैंस का नाम कुछ ऐसे रख दिया है जिसको सुनकर सब हैरान हो जाएंगे । कुछ लोगों ने भैंस का नाम डोनाल्ड ट्रंप रख दिया है । जिसको लेकर अब बेहत कुछ खबरें सामने आ रही हैं । और इसके साथ ये लोगों ने बेहत कुछ कर दिया ।
जो भैंस का नाम डोनाल्ड ट्रंप रख दिया उस भैंस का हेयर स्टाइल ट्रंप के जैसे कर दिया । और बकरी ईद पर इस भैंस की कुर्बानी की तैयारी कर ली । इस भैंस की तस्वीरें अब दुनिया में वायरल हो गई है । इसके बाद अमेरिकन एंबेसी के अफसर हरकत में आए और भैंसे की कुर्बानी रोकने के लिए बांग्लादेश के गृह मंत्रालय को आर्डर जारी करने पड़े ।
बांग्लादेश सरकार को भैंस के मालिक को उनके पूरी रकम देना पड़ी । और इसके बाद कुछ ऐसा हुआ जो हर कोई सुन रहा हे । इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप नामक भैंस को नेशनल जू में शिफ्ट कर दिया गया । अब ये भैंस को लेकर अब हर कोई बोल रहा है ।

ट्रंप के नाम से मशहूर हुए भैंस की कहानी बड़ी दिलचस्त है । एल्बिनोसल के इस भैंस का वजन करीबी 700 केजी है । भूरे रंग के इस भैंस के सिर पर सुनहरे बालों का गुच्छा है । इसका हेयर स्टाइल ट्रंप के तरह बना दिया गया ।
ईद पर भैंस कुर्बानी के लिए यह बिक्री के लिए मार्केट पर आया । और ये ट्रंप भैंसा नाम से मशहूर हो गया ।दूर दूर से लोग इस भैंस को देखनी के लोई आने लगे । 23 मई को ये भैंसा 3 लाख 85 हजारों में बिका । कुर्बानी से पहले इस भैंस को लेकर हर जगह चर्चा हो रहा था । इस भैंस को लेकर हर कोई कुछ ना कुछ बोल रहा था ।
बांग्लादेश की होम मिनिस्टर इस कुर्बानी पर रोक लगा दिया । और बाकायदा इसके लिए आदेश जारी किए । बांग्लादेश की होम मिनिस्टर सलाहउद्दीन अहमद ने कहा है कि जिस व्यक्ति ने ये भैंस को खरीदा है उन्हें पूरा पैसा वापस कर दिया जाए । और ट्रंप भैंसे को नेशनल जू में शिफ्ट किया जाए । एक भैंस को ट्रंप जैसे दिखाना, और उनका नाम डोनाल्ड ट्रंप रखना कोई मजाक नहीं है ।
यह पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे मुल्कों की मानसिकता है । यहां की सरकार अमरीका की पैसों पर पलती है । कुछ मनचलों ने इस तरह की हरकत की । बांग्लादेश ने इस कुर्बानी पर रोक लगा दी और मुल्क को फजीहत से बचा दिया ।